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संविधान काव्य constitution(poetic) by sk gotam pdf

संविधान काव्य constitution(poetic) by sk gotam pdf file

  • संविधान काव्य constitution(poetic) by sk gotam pdf This Book Constitution Poetic very Useful Book for Various Exams UPSC RPSC SHOOL EXAMS BANK EXAMS, SSC EXAMS, UGC NET EXAM.
  • by sk gotam sir “भारतीय संविधान हमारे देश की नीतियों का मार्गदर्शक है, इसलिए यह हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
  • यही नहीं, यह पूरे विश्व में सबसे बड़ा संविधान हैं ऐसे संविधान को मेने सरल भाषा पदों के रूप में रचित करके सुग्राही बनाने की कोशिश की है।”
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संविधान काव्य

Samvidhan kavya by sk gautam pdf

इस संविधान काव्य में करीब 238 पद हैं, जिनमें संविधान के हर भाग व अनुच्छेद के मूलभाव को समाहित करने की कोशिश की गई है। साथ ही बोल चाल की भाषा का प्रयोग किया गया है, ताकि यह जनसाधारण की समझ में भी आसानी से आ सके।

इस काव्य की रचना के लिए मैं अपनी पत्नी श्रीमती किरण गोतम का आभारी हूं , जिन्होंने इसमें भावात्मक पुट डालने में मदद की।

मैं माननीय डॉक्टर नसीम जैदी, भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त , माननीय श्री नजीब जंग, उपराज्यपाल दिल्ली, माननीय श्री आलोक कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त दिल्ली का ह्रदय से बहुत बहुत आभारी हूं, जिन्होंने संविधान काव्य के बारे में अपने बहुमूल्य विचार व्यक्त किए हैं।

आशा है कि आप सभी लोग इस ” संविधान काव्य ” से जरूर लाभान्वित होंगे। धन्यवाद।

सुनील कुमार गौतम

यह पुस्तक माननीय सुनील कुमार गौतम द्वारा संविधान को काव्य रूप में बहुत अच्छे से प्रस्तुत किया हैं । इस कारण प्रत्येक परीक्षार्थियों के लिए यह शार्ट ट्रिक की तरह कार्य करेगा । अतः प्रत्येक परीक्षार्थी अवश्य पढ़े ।

यहाँ ” संविधान काव्य ” पुस्तक को pdf fiel के रूप  में आपकी सुविधा के लिए उपलब्ध कराया गया । यहाँ से आप डाउनलोड करे।

संविधान काव्य constitution(poetic) by sk gotam pdf  Download Now

“संविधान काव्य” को खास बनाते हैं ये बातें

  1. लोकतंत्र को कविता से जोड़ती है
    गोतम ने संविधान की जटिलताओं को छंदों और रूपकों में सरल बनाया है। मौलिक अधिकार और नीति-निर्देशक तत्व जैसे अनुच्छेद काव्य की पंक्तियाँ बनकर छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के लिए सहज हुए हैं।
  2. सांस्कृतिक गहराई
    भारत की विविधता को कविता में उकेरकर, यह कृति “एकता में अनेकता” के संवैधानिक मूल्य को जगाती है। क्षेत्रीय मुहावरों और ऐतिहासिक प्रसंगों का प्रयोग पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
  3. शिक्षा का माध्यम
    शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता इस काव्य को नागरिक कर्तव्यों की चर्चा के लिए इस्तेमाल करते हैं। कानूनी शब्दजाल की जगह कविता युवाओं को आकर्षित करती है।

संविधान काव्य के प्रमुख विषय

  • धर्म के रूप में न्याय: न्याय को प्राचीन भारतीय दर्शन से प्रेरित नैतिक कर्तव्य के रूप में चित्रित किया गया है।
  • कविता में स्वतंत्रता: अभिव्यक्ति की आज़ादी को भावुक छवियों के माध्यम से दर्शाया गया है।
  • रूपकों में समानता: संवैधानिक समानता की तुलना शास्त्रीय संगीत के रागों की तान से की गई है।

Conclusion: Embrace the Constitution’s Soul
S.K. Gotam’s संविधान काव्य is more than poetry—it’s a heartfelt tribute to India’s democratic spirit. Whether you’re a law student, poetry lover, or curious citizen, this work invites you to see the Constitution not as a rigid text but as a living, breathing entity.

Call to Action: Share this article to spread the word! Dive into the संविधान काव्य PDF and let its verses inspire your understanding of India’s greatest legal document.

20 thoughts on “संविधान काव्य constitution(poetic) by sk gotam pdf”

  1. कोटी कोटी नमन है सर् आपको और आपकी रचना दोनो को….. आपने ये रचना कर के समाज के ऊपर बहुत उपकार किया है।

    Reply
  2. श्रीमान जी।
    आपकी रचना को प्राप्त कर और पढ़कर तो मैं कृतार्थ सा हो गया हूं।इसिलिए कि मेरे जीवन का मुख्य लक्ष्य ही है,कि इस विश्व व्यापी महान ग्रंथ का गहन प्रचार प्रसार घर -घर होना चाहिए,पर विशिष्ट और साहित्यिक भाषा शैली होने के कारण सामान्यतः लोगों की समझ में आसानी से नहीं आ पाती है।जिसके कारण भी इसे जानने की ओर लोगों की रुचि जागृत नहीं रही है।आपने इस काम को आसान बना दिया है।मेरा मानना तो यह है,कि जब तक संविधान का प्रचार-प्रसार रामायण, बाइबिल,कुरान शरीफ, गुरु ग्रंथ साहब या अन्य सभी धर्म ग्रंथों की तरह नहीं हो जाता है,तब तक असली आज़ादी और समूचे विश्व में महान् लोकतंत्र के असली मायने साफ नहीं हो पायेंगे। पूर्णतः आजादी नहीं मिल पायेगी।आज भी हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण अंग या हमारे शरीर की महत्त्वपूर्ण इंद्रियों में से एक गुलामी की जंजीरों से मुक्त नहीं हो पा रहा है।
    आपकी इस काव्य रचना से कम समय में संविधान के ज्ञान से समाज को लाभ मिलेगा।
    सधन्यवाद।
    मैं इच्छा जाहिर करता हूं कि रचनाकार या प्रकाशक महोदय जी से बात करने का सौभाग्य प्राप्त कर सकूं।

    Reply
  3. आपने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। आमजन इसे पढ़ने में रूचि लेगा और जागरूक होगा। आपको कोटि-कोटि नमन ।

    Reply
  4. कोटी कोटी नमन है सर् आपको और आपकी रचना दोनो को….. आपने ये रचना कर के समाज के ऊपर बहुत उपकार किया है।

    Reply
  5. apka ye kadam bahut sarahniye h lekin is kavita m ek bahut badi galti kar gaye ap 26 january ki jagah 26 november 1949 hona chayee tha, please change this

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