Important Amendments to Indian Constitution प्रमुख संविधान संशोधन
भारतीय संविधान में संशोधन संसद द्वारा बहुमत के आधार पर होता हैं । भारतीय संविधान में अभी तक 97 संशोधन हुए हैं, 97 वां संशोधन दिसम्बर 2011 में हुआ था जो दिनांक 2 जनवरी, 2012 से लागु हो गया हेैं। यहाँ भारत के प्रमुख संविधान संशोधन की लिस्ट दी गयी हैं । rpsc upsc ssc net आदि केंद्रीय और राज्य स्तर की परीक्षाओं में संविधान से सम्बंधित प्रश्न हमेशा पूछे जाते हैं इसलिए आपको इन्हें याद कर लेना चाहिए।
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प्रमुख संविधान संशोधन: important amendments of indian constitution
• पहला संविधान संशोधन – जुन, 1951
राज्यों के भूमि सुधार कानूनों को नवीं अनुसूची में रखकर न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र से बाहर कर दिया.
• 7वां संविधान संशोधन – 1956
राज्यों का पुनर्गठन.
• 12वां संविधान संशोधन – 1962
पुर्तगाली अधिपत्य वाले गोआ, दमन तथा दीव को भारत का अंग बना लिया गया.
• 14वां संविधान संशोधन – 1962
फ्रांसीसी अधिपत्य वाले पांडिचेरी को भारत का अंग बना लिया गया.
• 26वां संविधान संशोधन – 1971
राजाओं के प्रिवीसर्प तथा विशेषाधिकार समाप्त.
• 27वां संविधान संशोधन – 1971
पुर्वोतर राज्यों का पुनर्गठन किया गया.
• 35वां संविधान संशोधन – 1974
सिक्किम को सह: राज्य के रूप में भारत में सम्मिलित किया.
• 36वां संविधान संशोधन – 1975
सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया.
• 42वां संविधान संशोधन – 1976
प्रस्तावना में पंथ निरपेक्ष, समाजवादी और अखंडता शब्द जोड़े गए. राष्ट्रपति मंत्रिमण्डल की सलाह मानने के लिए बाध्य. मौलिक कर्तव्यों का समावेश.
• 44वां संविधान संशोधन – 1978
सम्पति के मौलिक अधिकार को समाप्त किया. सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में और मंत्रिमंडल की लिखित सलाह पर आपात की घोषणा राष्ट्रपति करेगा.
• 52वां संविधान संशोधन – 1985
दल बदल विरोधी प्रावधान(दसवीं अनुसूची).
• 58वां संविधान संशोधन – 1987
भारतीय संविधान का हिन्दी में प्राधिकृत रूप के लिए प्रावधान.
• 61वां संविधान संशोधन – 1989
मताधिकार की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई.
• 65वां संविधान संशोधन – 1990
अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया.
• 69वां संविधान संशोधन – 1991
दिल्ली का नाम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र किया गया तथा विधान सभा की स्थापना की गई.
• 73वां संविधान संशोधन – 1992
पंचायती राज(ग्यारहवीं अनुसूची).
• 74वां संविधान संशोधन – 1992
नगर निकाय सम्बन्धी(बाहरवीं अनुसूची).
• 79वां संविधान संशोधन – 1999
अनुसूचित जाति/जनजाति और एंग्लों इण्डियन के लिए लोक सभा और विधान सभाओं में सीटों का आरक्षण सन् 2010 तक बढ़ाया.
• 86वां संविधान संशोधन – 2002
राज्य द्वारा छ: से चोदह साल तक के सभी बच्चों को निःशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान.
• 89वां संविधान संशोधन – 2003
अनुसूचित जातियों के लिए पृथक राष्ट्रीय आयोग के गठन का प्रावधान.
• 91वां संविधान संशोधन – 2003
दल बदल में केवल सम्पूर्ण दल के विलय को मान्यता. केन्द्र में लोक सभ तथा राज्य मेें विधान सभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक मंत्री नहीं हो सकते.
• 92वां संविधान संशोधन– 2003
आठवीं अनुसूची में डोगरी, मैथिली, बोडो और संथाली भाषाओं का समावेश. कुल 22 भाषाएं.
• 93वां संविधान संशोधन– 2005
निजी शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण.
• 94वां संविधान संशोधन– 2006
जनजाति हेतु पृथक मंत्रालय(मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, उड़ीसा व झारखण्ड).
• 95वां संविधान संशोधन– 2009
लोकसभा व विधानसभा में एस. सी. व एस. टी. व आंग्ल भारतीयों के लिए आरक्षरण 2020 तक वृद्धि.
• 108वां संविधान संशोधन– 2008
इसके अन्तर्गत लोक सभा व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है.
• 110वां संविधान संशोधन– 2010
स्थानीक निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान.
• 111वां संविधान संशोधन 2009
सहकारी संस्थाओं के नियमित चुनाव और उनमें आरक्षण.
• 112वां संविधान संशोधन 2009
नगर निकायों में महिलाओं के 33 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान.
• 113वां संविधान संशोधन 2010
आठवीं अनुसूची में उडि़या भाषा के स्थान पर ओडिया किया जाना.
• 114वां संविधान संशोधन 2010
उच्च न्यायालयों में जजों की संवानिवृति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जाना.
• 115वां संविधान संशोधन 2011
वस्तु एवं सेवा कर हेतु परिषद व विवाद निस्तारण प्राधिकरण की स्थापना.
• 116वां संविधान संशोधन– दिसम्बर 2011
लोकपाल बिल लोकसभा ने पारित कर दिया है, राज्यसभा में विचाराधीन है.
• 117वां संविधान संशोधन– 2012
एस. सी. , एस. टी. को पदोन्नति में आरक्षण देने से सम्बन्धित।
118वां संविधान संशोधन– 2012
इस विधेयक के ज़रिए संविधान में अनुच्छेद 371जे जोड़ा गया था. इस अनुच्छेद के तहत, राष्ट्रपति राज्यपाल को क्षेत्र के विकास के लिए कुछ कदम उठाने की अनुमति दे सकते हैं.
119वां संविधान संशोधन– 2013
भारत और बांग्लादेश के बीच हुए भू-क्षेत्रों के अधिग्रहण और हस्तांतरण के समझौते को लागू करने के लिए बनाया गया था.
120 वां संविधान संशोधन– 2013
न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच समान भागीदारी सुनिश्चित करना था
121 वां संविधान संशोधन– 2014
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया था
122 वां संविधान संशोधन– 2015
जीएसटी लागू करने के लिए संविधान में संशोधन करने के लिए, संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक, 2014 पेश किया गया था।
123 वां संविधान संशोधन– 2017
संविधान विधेयक (123वां संशोधन), 2017 पिछड़ा वर्ग पर राष्ट्रीय आयोग के सशक्तिकरण से संबंधित है।
124 वां संविधान संशोधन– 2019
सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी. इस विधेयक को जनवरी, 2019 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंज़ूरी दी थी
125 वां संविधान संशोधन– 2019
इस विधेयक का उद्देश्य संविधान की छठी अनुसूची के तहत जनजातीय स्वायत्त परिषदों को अधिक वित्तीय, कार्यकारी और प्रशासनिक शक्तियां प्रदान करना है।
126 वां संविधान संशोधन– 2019
अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने के लिए लाया गया था
127 वां संविधान संशोधन– 2021
राज्यों को OBC श्रेणियों की पहचान करने का अधिकार बहाल करने के लिए पेश किया गया था।
128 वां संविधान संशोधन– 2023
संसद के दोनों सदनों ने महिला आरक्षण विधेयक 2023 पारित कर दिया है। विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए कुल सीटों में से एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है।
129 वां संविधान संशोधन– 2024
129वां संविधान संशोधन विधेयक ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ लागू करने के उद्देश्य से लाया गया है. यह बिल न सिर्फ संसद में, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी संवैधानिक और कानूनी परीक्षा से गुजरेगा.
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